क्या सोलर पैनल बारिश में भी बिजली बनाते हैं? – जानिए सोलर की रियल परफॉर्मेंस

भारत जैसे देश में जहां मानसून का एक लंबा सीजन होता है, वहां एक आम सवाल सामने आता है – “क्या सोलर पैनल बारिश में भी बिजली बना पाते हैं?” अगर आप सोलर पैनल लगाने की सोच रहे हैं या पहले से ही सोलर यूज़र हैं, तो ये जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है।

  • क्या बारिश में सोलर पैनल काम करते हैं?

सीधा जवाब है – हां, लेकिन सीमित क्षमता पर।

सोलर पैनल बिजली सूरज की रोशनी (Sunlight) से बनाते हैं, न कि केवल गर्मी से। जब बारिश होती है, तब आसमान में बादल होते हैं और सूरज की रोशनी डायरेक्ट नहीं मिलती, लेकिन Diffuse Light (बिखरी रोशनी) पैनल तक पहुंचती रहती है। ऐसे में पैनल 10% से लेकर 25% तक अपनी क्षमता पर बिजली बना सकते हैं।

  • बारिश में बिजली उत्पादन कितना घटता है?

आमतौर पर एक सोलर पैनल गर्मी के मौसम में 1000 वॉट/मीटर² की रोशनी पर अपनी पूरी क्षमता (say 100%) तक बिजली पैदा करता है। बारिश में ये आंकड़ा गिरकर 100 से 250 वॉट/मीटर² तक आ जाता है, जिससे बिजली उत्पादन भी 10-25% तक सीमित हो जाता है।

उदाहरण: अगर आपका सिस्टम रोज 10 यूनिट बनाता है, तो बारिश में यह घटकर 2 से 3 यूनिट प्रतिदिन तक हो सकता है।

  • क्या बारिश से सोलर पैनल को नुकसान होता है?

नहीं, अच्छी क्वालिटी के सोलर पैनल पूरी तरह से वाटरप्रूफ होते हैं और बारिश से उन्हें कोई नुकसान नहीं होता। बल्कि बारिश पैनल की सफाई भी कर देती है जिससे धूल-मिट्टी हट जाती है और बाद के दिनों में परफॉर्मेंस सुधरती है।

हालांकि,

  • पैनल के वायरिंग और इन्वर्टर को बारिश से प्रॉपर प्रोटेक्शन देना जरूरी होता है।
  • स्टैंड या फ्रेम में जंग न लगे, इसके लिए एंटी-रस्ट कोटिंग होना चाहिए।
  • बारिश में क्या करें?

बारिश के मौसम में सोलर सिस्टम की देखभाल करना जरूरी होता है:

  1. इन्वर्टर और वायरिंग की सुरक्षा: सुनिश्चित करें कि कहीं से भी पानी लीक नहीं हो रहा हो।
  2. अर्थिंग सिस्टम की जांच करें: क्योंकि नमी की वजह से शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है।
  3. ऑटोमैटिक सफाई सिस्टम (Water Spray Kit) बारिश में अधिक काम करता है, जिससे आपको मैन्युअल सफाई की जरूरत नहीं होती।
  4. बैकअप सिस्टम रखें: जैसे कि बैटरी स्टोरेज या ग्रिड कनेक्शन, जिससे जरूरत के समय बिजली मिलती रहे।

क्या Monsoon में Solar System लगाना सही है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि बारिश के मौसम में सोलर लगाना नुकसानदायक है, जबकि सच ये है कि:

  • मानसून में सोलर इंस्टॉलेशन की डिमांड कम रहती है, जिससे कंपनियां इंस्टॉलेशन में डिस्काउंट देती हैं।
  • अगर सही से इंस्टॉलेशन किया जाए तो बारिश से कोई डर नहीं है।

निष्कर्ष:

बारिश के मौसम में सोलर पैनल पूरी क्षमता से बिजली तो नहीं बना पाते, लेकिन वो पूरी तरह से बंद भी नहीं होते। वे कुछ हद तक बिजली बनाते रहते हैं, और बारिश के बाद साफ वातावरण की वजह से उनकी परफॉर्मेंस फिर से बेहतर हो जाती है।

तो अगर आप सोलर सिस्टम लगवा चुके हैं या लगाने की सोच रहे हैं, तो बारिश को लेकर घबराएं नहीं। थोड़ी देखभाल और समझदारी से सोलर पूरे साल आपके घर की बिजली जरूरत को पूरा करता रहेगा।


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लेखक के बारे में

S.K. Gupta पिछले 4 सालों से उत्तर प्रदेश में सोलर इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। वह न सिर्फ ग्राउंड लेवल पर सोलर इंस्टॉलेशन का अनुभव रखते हैं, बल्कि लोगों को सही सलाह देने में विश्वास रखते हैं ताकि वे सोलर लगवाने या सोलर बिजनेस शुरू करने से पहले पूरी जानकारी ले सकें। उनकी कोशिश रहती है कि हर आम आदमी तक सोलर की सही जानकारी आसान भाषा में पहुँचे।

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