99% लोग नहीं जानते सोलर लगवाते समय ये 3 बातें – आप मत भूलिए वरना पछताना पड़ेगा!

Updated on: June 27, 2025 | By S.K. Gupta

सोलर लगवाने से पहले हम में से ज़्यादातर लोग सिर्फ एक चीज़ पर ध्यान देते हैं — “कितना यूनिट बनेगा?”
लेकिन असल में सोलर लगवाना सिर्फ बिजली बचाने की बात नहीं है, बल्कि एक स्मार्ट निवेश है।

फिर भी 99% लोग तीन ऐसी बेसिक बातें भूल जाते हैं जो बाद में भारी पछतावे का कारण बनती हैं।

तो चलिए आज आपको बताते हैं वो 3 सबसे ज़रूरी बातें, जो सोलर लगवाने से पहले हर किसी को जानना ज़रूरी है।


1. On-Grid, Off-Grid और Hybrid में फर्क समझिए

ये सबसे पहली और सबसे बड़ी गलती होती है – लोग सोलर लगवाते समय ये सोचे बिना ही चुन लेते हैं कि कौन सा सिस्टम उनके लिए सही है।

On-Grid सोलर सिस्टम:

  • यह सिस्टम सीधे बिजली कंपनी के ग्रिड से जुड़ा होता है। यानी दिन में जो बिजली बनती है, वो सीधे आपके घर और ग्रिड को सप्लाई होती है।
  • अगर आपके घर में बिजली कभी नहीं जाती है, तो ये सिस्टम आपके लिए बेस्ट है।
  • इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें आपको सरकारी सब्सिडी भी मिलती है।
  • लेकिन जैसे ही आपके घर की बिजली जाती है, ये सिस्टम भी बंद हो जाता है — चाहे सूरज कितना भी तेज चमक रहा हो।
    क्योंकि सुरक्षा के लिहाज से ग्रिड से कनेक्शन कट जाता है।

यानि अगर दिन में 4–5 घंटे भी बिजली कटती है, तो ये सिस्टम आपके किसी काम का नहीं रहेगा।

Off-Grid सोलर सिस्टम:

  • इसमें बैटरी लगी होती है जो सोलर से बनी बिजली को स्टोर करती है।
  • बिजली हो या न हो – आपका पंखा, लाइट, टीवी सब चलते रहेंगे।
  • ये उन इलाकों के लिए बढ़िया है जहाँ बिजली बार-बार जाती है या गांव वाले क्षेत्र हैं।
  • हाँ, इसमें सरकारी सब्सिडी नहीं मिलती, और बैटरी की लागत सिस्टम को थोड़ा महंगा बना देती है।

लेकिन ये सिस्टम आपको 24×7 बिजली की गारंटी देता है – वो भी सोलर से!

Hybrid सोलर सिस्टम:

  • ये सबसे नया और एडवांस सिस्टम है, जिसमें ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड दोनों की खासियतें होती हैं।
  • दिन में बिजली बनाकर सीधे आपके घर और ग्रिड दोनों को चलाता है।
  • और जैसे ही बिजली जाती है – बैटरी से आपका घर चलता रहता है।
  • यह सिस्टम थोड़ा महंगा होता है लेकिन लंबे समय में सबसे ज़्यादा फायदे वाला होता है।
  • कुछ मामलों में इस पर भी आंशिक सब्सिडी मिलती है।

2. छत की दिशा और छाया (Shadow) जरूर चेक करें

बहुत बार लोग सोलर लगवा लेते हैं, लेकिन छत पर पड़ने वाली छाया (पेड़, टंकी, पड़ोसी की दीवार) से 50% तक बिजली उत्पादन घट जाता है।

  • सही दिशा: South-facing छत सबसे बढ़िया मानी जाती है
  • ध्यान रखें कि 10 AM से 4 PM तक छत पर छाया न पड़े
  • Installer से पहले ही साइट सर्वे जरूर करवाएं

3. सिर्फ ब्रांड नहीं, Install करने वाली कंपनी पर भरोसा करें

बहुत लोग सोचते हैं कि “Tata, Adani, Waree जैसे ब्रांड से पैनल ले लिया, अब तो सब बढ़िया होगा।”
लेकिन असल में 70% काम उस इंस्टॉलेशन कंपनी पर निर्भर करता है जो वायरिंग, फिटिंग, इनवर्टर सेटअप, एंगल आदि देखती है।

  • हमेशा अनुभवी वेंडर चुनें
  • उनसे पहले के कस्टमर से फीडबैक लें
  • इंस्टॉलेशन की फोटो और वॉरंटी पेपर जांचें

वरना बड़ा ब्रांड लेकर भी आपको खराब आउटपुट मिल सकता है।


सोलर एक ज़बरदस्त निवेश है – लेकिन तभी जब आप पूरी जानकारी के साथ कदम उठाएं।
इन तीन बातों को समझकर ही आगे बढ़िए, वरना थोड़ी-सी जल्दबाज़ी पूरे सिस्टम को बेकार कर सकती है।

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लेखक के बारे में

S.K. Gupta पिछले 4 सालों से उत्तर प्रदेश में सोलर इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। वह न सिर्फ ग्राउंड लेवल पर सोलर इंस्टॉलेशन का अनुभव रखते हैं, बल्कि लोगों को सही सलाह देने में विश्वास रखते हैं ताकि वे सोलर लगवाने या सोलर बिजनेस शुरू करने से पहले पूरी जानकारी ले सकें। उनकी कोशिश रहती है कि हर आम आदमी तक सोलर की सही जानकारी आसान भाषा में पहुँचे।

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