सोलर से जुड़े 7 झूठ – जिनके चक्कर में आकर आप फ्री बिजली का मौका गंवा बैठते हैं!

Updated on: July 16, 2025 | By S.K. Gupta

आज जब बिजली के बिल आसमान छू रहे हैं और लोग सोलर एनर्जी की तरफ तेज़ी से बढ़ रहे हैं, तब भी कुछ झूठ और भ्रम ऐसे हैं जो आम लोगों को सोलर लगाने से रोकते हैं। सोशल मीडिया, अधूरी जानकारी और अफवाहों के चलते कई लोग आज भी सोलर के फायदों को समझ नहीं पाते।

आइए जानते हैं सोलर सिस्टम से जुड़े 7 सबसे आम झूठ और उनकी सच्चाई—

झूठ 1: “सोलर सिस्टम सिर्फ गर्मियों में काम करता है”

सच्चाई:
सोलर पैनल सूरज की रोशनी से काम करते हैं, गर्मी से नहीं। ठंडी या बादल वाले दिन में भी जब तक रोशनी है, तब तक पैनल बिजली बना सकते हैं। हां, उत्पादन थोड़ा कम हो सकता है लेकिन पूरी तरह बंद नहीं होता।


झूठ 2: “बिजली नहीं होने पर सोलर से बिजली मिलेगी”

सच्चाई:
अगर आपने ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम लगवाया है और आपके यहां लाइट चली गई है, तो आपका सोलर सिस्टम भी बंद हो जाएगा क्योंकि ये सिस्टम ग्रिड से जुड़ा होता है। अगर आप चाहते हैं कि लाइट कटने पर भी बिजली मिले, तो आपको हाइब्रिड या ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम लगवाना होगा जिसमें बैटरी होती है।

झूठ 3: “सोलर सिस्टम बहुत महंगा है”

सच्चाई:
शुरुआती लागत थोड़ी ज़रूर होती है, लेकिन सरकार की सब्सिडी और EMI विकल्प के चलते अब इसे हर कोई अफोर्ड कर सकता है। और जब एक बार सिस्टम लग गया, तो 25 साल तक फ्री बिजली का आनंद लें।

झूठ 4: “सोलर पैनल बहुत जगह घेरते हैं”

सच्चाई:
3kW का सिस्टम लगभग 150-200 वर्गफुट में फिट हो जाता है। आमतौर पर मकान की छत पर आसानी से इंस्टॉल हो जाता है और आपकी छत का बाकी हिस्सा उपयोग में बना रहता है।

झूठ 5: “सोलर पैनल को हर रोज़ साफ करना पड़ता है”

सच्चाई:
हर रोज़ नहीं, बस महीने में 1-2 बार हल्के पानी से सफाई करना काफी होता है। अगर आपकी छत बहुत धूलभरी जगह में है, तो थोड़ा ध्यान देना चाहिए।

झूठ 6: “सोलर सिस्टम लगाने के लिए सरकारी चक्कर काटने पड़ते हैं”

सच्चाई:
अब सबकुछ ऑनलाइन हो गया है। MNRE की वेबसाइट और DISCOM के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से लेकर सब्सिडी तक का प्रोसेस अब आसान हो गया है। इंस्टॉलेशन कंपनियां भी इसमें मदद करती हैं।

झूठ 7: “सोलर से सिर्फ घर की लाइट और पंखा चल सकता है”

सच्चाई:
आजकल के सोलर सिस्टम इतने एडवांस हो चुके हैं कि AC, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मोटर पंप – सब कुछ चलाया जा सकता है। बस सही क्षमता का सिस्टम लगवाना ज़रूरी है।


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लेखक के बारे में

S.K. Gupta पिछले 4 सालों से उत्तर प्रदेश में सोलर इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। वह न सिर्फ ग्राउंड लेवल पर सोलर इंस्टॉलेशन का अनुभव रखते हैं, बल्कि लोगों को सही सलाह देने में विश्वास रखते हैं ताकि वे सोलर लगवाने या सोलर बिजनेस शुरू करने से पहले पूरी जानकारी ले सकें। उनकी कोशिश रहती है कि हर आम आदमी तक सोलर की सही जानकारी आसान भाषा में पहुँचे।

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